टैक्स से बचने के लिए ग़लत दस्तावेज़ लगाना पड़ेगा भारी, सरकार ने खोला ‘तीसरा नेत्र’

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नई दिल्ली: टैक्स से बचने के लिए लोग तरह तरह के हथकंडे अपनाते हैं. यहां तक की लोग फर्जी काम करने पर भी उतारू हो जाते हैं. लेकिन अब फर्जी दस्तावेज़ देने पर आपको भारी नुकसान हो सकता है. खासकर टैक्स का बोझ घटाने के लिए अगर आपने फर्जी ‘हाउस रेंट’ का प्रयोग किया तो आपको महंगा पड़ सकता है. ऐसा करने वालों पर सरकार सख्त होने जा रही है। ऐसे लोग जो गलत दस्तावेज लगाकर टैक्स बचा लेते हैं उनपर नजर रखने के लिए आयकर विभाग करदाता से संबंधित प्रॉपर्टी के वैध किराएदार का सबूत मांग सकता है।
दरअसल आयकर अधिकारी अब दिखाई गई टैक्सेबल आमदनी का आंकड़ा मंजूर करते वक्त सबूत मांग सकते हैं। इसमें लीज एंड लाइसेंस एग्रीमेंट, किराएदारी के बारे में हाउसिंग को-ऑपरेटिव सोसायटी को जानकारी देने वाला लेटर, इलेक्ट्रिसिटी बिल और वॉटर बिल जैसे सबूत हो सकते हैं।
कई बार ऐसा देखने को मिलता है कि कर्मचारी के पास इनमें से कोई भी दस्तावेज नहीं होता है। कई जगह देखा जाता है कि वह अपने पिता के घर में रह रहा होता है और रेंट स्लिप लगा देता है। कभी-कभी किराएदार होने पर भी किराए की रकम बढ़ाकर दिखाई जाती है।
ऐसे कई मामले देखे गए हैं, जिनमें कोई व्यक्ति भले ही अलग रह रहा हो, लेकिन वह दावा करता है कि उसी शहर में रहने वाले एक रिश्तेदार को किराया चुका रहा है। कुछ मामलों में परिवार का एक सदस्य लोन पेमेंट डिडक्शन का क्लेम करता है तो दूसरा टैक्स से बचने के लिए फर्जी रेंट रसीद चिपका देता है। इसे देखते हुए सख्त रिपोर्टिंग सिस्टम बनाए जाने पर विचार किया जा रहा है.