बैंक में हुई अनहोनी तो खाक हो जाएगी आपकी दौलत, नहीं मिलेगा कोई हर्जाना

नई दिल्ली। हम में से अधिकतर लोग अपनी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखने के लिए बैंक लॉकर का इस्तेमाल करते हैं। हमें ऐसा लगता है कि वहां हमारी अमानत घर से भी ज़्यादा सुरक्षित होगी और अगर कोई हादसा भी होता है तो बैंक उसकी ज़िम्मेदारी लेगा, लेकिन आपका ये सोचना पूरी तरह सही नहीं है। जी हां दरअसल, कुछ दिन पहले मोदीनगर के पीएनबी मे लुटेरों ने लगभग 30 बैंक लॉकरों से करोड़ों से हाथ साफ किए और ग्राहंक अपने हाथ मलते रह गए। इसलिए आज हम आपको बताएंगे कि बैंक लॉकर का इस्तेमाल करते समय हमें किन बातों का ख़ास ख़याल रखना चाहिए ताकि बैंक हादसे के दौरान हर्जाना भरने से मुह न फेर सके।

बैंक लॉकर का इस्तेमाल…
आपको बता दें कि आरबीआई के नियमों के अनुसार, काबू से बाहर किसी भी घटना या अप्रत्याशित घटना (चोरी-डकैती, आग लगना प्राकृतिक आपदा आदि) के लिए बैंक जिम्मेदार नहीं होगा। इसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी नहीं की जा सकेगी। आरबीआई के नियमानुसार लॉकर में क्या है इसके बारे में बैंक भी नहीं जानते ऐसे में भरपाई का कोई तरीका नहीं है।
आरबीआई के नियमों के खिलाफ अदालत ने कई बार बैंकों की सेफ्टी पर सवाल उठाते हुए बैंकों को नुकसान के लिए जिम्मेदार ठहराया है। अदालती फैसलों में कहा गया है कि बैंक को यह साबित करना होगा कि बैंक ने सेफ्टी के सभी तरह के जरूरी इंतजाम किए थे। कई मामलों में बैंक के कर्मचारी ही लॉकरों से चोरी में लिप्त पाए गए हैं।

बैंक के लॉकर की शर्तें
बैंक किसी भी तरह की अनहोनी के लिए बीमा करवाते हैं लेकिन खाताधारक को भरपाई के लिए अपने लॉकर के सामान का सबूत और बैंक की लापरवाही को साबित करना होगा। इन बातों के साबित हो पाने पर ही खाताधारक को बैंक हर्जाने स्वरूप अपने इंश्योरेंस में मिली राशि में से हर्जाना देती है। चूंकि लॉकर के भीतर रखे सामान की जानकारी बैंक को भी नहीं होती ऐसे में खाताधारक को अपनी तरफ से इस बात के सबूत देने होते हैं कि लॉकर में क्या सामान रखा गया था।

इन बातों का रखें ध्यान
1) लॉकर लेते वक्त जांच लें कि लॉकर पर सील लगी हो और ताला नया हो।
2) लॉकर का इस्तेमाल एक नियमित अंतराल पर करते रहें इसे लंबे अरसे तक न टालें। बैंक के किसी भी नोटिस की अनदेखी न करें। बैंक को यह अधिकार होता है कि लंबे अरसे तक इस्तेमाल न किए जाने पर लॉकर नियमों के अनुसार गवाहों की मौजूदगी में तोड़ा जा सके।
3) लॉकर में रखी सभी चीजों की सूची अपने पास रखें और हर बार लॉकर ऑपरेट करने की तारीख के हिसाब से चीजों की सूची में फेर बदल नोट कर लें।
4) लॉकर का इस्तेमाल बैंक कर्मचारी के लॉकर रूम से बाहर जाने के बाद करें और लॉकर को बंद करने से पहले यह जांच कर लें कि वह सही से बंद हुआ है कि नहीं और पहले से रखा सारा सामान उसमें है कि नहीं।
5) जहां तक मुमकिन हो चीजों की खरीद की रसीदें अपने पास रखें।